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एक
हवा!
एक हवा
थी हल्की-हल्की
एक हवा थी
भारी
एक हवा
चुपके से
आई
एक ने धूल
बुहारी
एक हवा थी
ठंडी-ठंडी
एक थी गरम
भभूका
एक हवा
खुशियां
ले आई
एक दुखों
का झोंका
एक हवा थी
खुशबू
वाली
आई आ कर चली
गई
एक हवा है
सच्ची-सादी
सांस सांस
में बसी
हुई।
-श्याम
सुशील
(1957)
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