बालगीत

  एक हवा!

एक हवा थी हल्की-हल्की
एक हवा थी भारी
एक हवा चुपके से आई
एक ने धूल बुहारी
एक हवा थी ठंडी-ठंडी
एक थी गरम भभूका
एक हवा खुशियां ले आई
एक दुखों का झोंका
एक हवा थी खुशबू वाली
आई आ कर चली गई
एक हवा है सच्ची-सादी
सांस सांस में बसी हुई।

-श्याम सुशील
(1957)

 

संस्थापक व संपादकः डा जगदीश व्योम             वेब सहयोगः पूर्णिमा वर्मन


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