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ऊँट की
सवारी है
मेले
में आई है
हाथी पे
चढ़ना तो
हाथी भी
आया
जल्दी करो,
जल्दी करो
आज तुम
पढ़ाई
मेले से
पहले है
थोड़ी
चढ़ाई
थोड़ी
चढ़ाई
बंदर का
नाच
डुग डुग
डुग, डुग
डुग डुग
भालू का
नाच
बड़े बड़े
झूले हैं
बड़े बड़े
खेल
चलती है एक
वहाँ
छोटी सी
रेल
सुनो सुनो
पड़ती है
सीटी
सुनाई।
-प्रयाग
शुक्ल
(1940)
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