बालगीत

 राजा-रानी

एक था राजा
एक थी रानी
दोनों करते थे
मन मानी
राजा का तो
पेट बड़ा था
रानी का भी
पेट बड़ा था
खूब वे खाते थे
छक छक कर
फिर सो जाते थे
थक थक कर
काम यही था
बक-बक, बक-बक
नौकर से बस
झक-झक, झक-झक।
-जयप्रकाश भारती
(1936 - 2005)

 

संस्थापक व संपादकः डा जगदीश व्योम             वेब सहयोगः पूर्णिमा वर्मन


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