बालगीत

उलटा अखबार

थामे बैठे हैं चिंटू जी
जब से आया है अखबार
उलट-पुलट कर देख रहे हैं
घण्टे बीत गए हैं चार
मम्मी बोली, चिंटू प्यारे
लगन तुम्हारी अपरम्पार
लेकिन कहना मानो बेटे
सीधा तो कर लो अखबार।

-प्रकाश मनु

 


संस्थापक व संपादकः डा जगदीश व्योम             वेब सहयोगः पूर्णिमा वर्मन


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