कंगना रनौत के घर पर चली गोली, पुलिस ने बढ़ाई सिक्योरिटी | कंगना रनौत के मनाली स्थित आवास पर गनोट, पुलिस ने लगाई सुरक्षा, अभिनेत्री बोली

0
12

रात 11.30 बजे का हादसा

रात 11.30 बजे का हादसा

कंगना के बयान के मुताबिक वह 11.30 बजे रात को अपने बेडरूम में थीं। उनके घर में तीन तल हैं और एक बड़ी बाउंड्री वाल है जिसके पीछे एक तालाब है और सेब के बाग हैं। साढ़े 11 बजे के करीब, कंगना ने एक आवाज़ सुनी जो किसी पटाखे जैसी थी। पहले उन्हें लगा कि पटाखा है। लेकिन फिर एक और आवाज़ आई और कंगना घबरा गई क्योंकि वो आवाज़ गन शूट जैसी थी। इस समय मनाली में टूरिस्ट सीज़न नहीं है और ना ही इस समय कोई घर से बाहर पटाखे बजाने निकलेगा।

पुलिस को दी सूचना

पुलिस को दी सूचना

कंगना ने तुरंत अपनी सिक्योरिटी को फोन किया और उनसे पूछा कि क्या हुआ है। तो उन्होंने तुरंत कहा कि कुछ बच्चे होंगे और उनकी टीम ने कहा था कि हम देखते हैं कि पटाखों या किसी और चीज़ों की आवाज़ थी। कंगना का कहना है कि अब इस आदमी ने शायद कभी गानों की आवाज़ नहीं सुनी होगी लेकिन मैंने सुनी है। उसे लगा कि किसी ने कोई शरारत की होगी। उसने अपनी टीम के साथ जाकर देखा पर कुछ मिला नहीं। कंगना का कहना है कि उनके घर में पांच लोग थे और पांचों को लगा कि ये बंदूक की गोली की आवाज है। इसलिए हमने पुलिस को सूचना दी।

सबने दे दी सफाई

सबने दे दी सफाई

पुलिस ने ही कहा कि शायद सेब के बाग में किसी ने चमगादड़ों को भगाने के लिए गोली चलाई होगी। ऐसा किया जाता है क्योंकि चमगादड़ सेब खराब करते हैं। हमने उनकी बात मान ली। अगले दिन यानि कि शनिवार की सुबह, जब हमने आस पास के सेब के बाग वालों को बुलाया और पूछा कि क्या रात साढ़े 11 बजे उन्हें से कोई चमगादड़ों को भगाने के लिए गोलियां चली जा रही थी तो सबने जश्न कर दिया था।

दो राउंड, 8 सेकंड के अंतर पर

दो राउंड, 8 सेकंड के अंतर पर

कंगना के स्टाफ ने यह भी बताया कि कई सालों में उन्होंने किसी को सेब के बागों में गोलियां चलाने नहीं देखा है। खासतौर से आधी रात को। इसलिए हम समझने की कोशिश करने लगे कि क्या हो रहा है। हमने कहा कि देखते हैं कि ऐसा दोबारा होता है या नहीं। मैंने कल रात गोलियों की ही आवाज़ सुनी है और बिल्कुल साफ सुनी है। ये मेरे कमरे के ठीक सामने की आवाज़ थी। दो गोलियां चलीं, लगभग 8 सेकंड के अंतर पर।

राजनीतिक बयान का नुकसान

राजनीतिक बयान का नुकसान

मुझे लगता है कि मैंने एक राजनीतिक बयान दिया है लोगों की गुंडागर्दी के खिलाफ तो शायद ये मेरे लिए छोटी सी चेतावनी थी कि हमारे बारे में ऐसे मत बोलो। क्योंकि ऐसा यहाँ पहले कभी नहीं हुआ था और मेरे साथ गवाह हैं जिन्होंने ये आवाज़ सुनी।

खरीदे गए गुंडे हैं

खरीदे गए गुंडे हैं

मुझे नहीं लगता कि ये कोई लोकल हथियार था। .22 मिमी वाला क्योंकि मेरे पापा के पास भी राईफल है और मैंने वही आवाज़ सुनी है। ये वैसी आवाज़ नहीं थी। शायद कुछ लोगों को मुझे डराने के उद्देश्य से खरीदा गया और इसी तरह काम के लिए भेजा गया। ये आसान है। 7 – 8 हज़ार रूपये में हो जाता है।

सुशांत को भी डराया होगा

सुशांत को भी डराया होगा

ये इत्तेफ़ाक नहीं हो सकता कि जिस दिन मुख्यमंत्री के बेटे के खिलाफ एक बयान दूं, उसी दिन में घर के बाहर गोली चलने की आवाज़ आए। लोग मुझे कह रहे हैं कि मुंबई में अब मेरा जीना मुश्किल कर दिया जाएगा। लेकिन मुंबई क्या वो तो यहां मनाली में भी किया जा रहा है। क्या इस देश में खुलेआम गुंडागर्दी की जा सकती है। ऐसे ही सुशांत को भी डराया गया होगा। लेकिन मैं सवाल पूछूँगी।

पूरा परिवार

पूरा परिवार

कंगना की टीम ने इंटरटेनमेंट टाइम्स को इस बातचीत में बताया कि उनके माता पिता मंडी में हैं लेकिन अब वे भी मनाली आए हैं। पूरा परिवार चिंता में हैं। कंगना के माता पिता बूढ़े हैं और लगातार उन्हें इस तरह के बयान देने से मना करते हैं। वह पूरी रात, ये खबर सुनने के बाद सो नहीं पाया।

बढ़ाई गई सिक्योरिटी

बढ़ाई गई सिक्योरिटी

इस समय कंगना के घर के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। पुलिस अभी भी जांच कर रही है। पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि कंगना की शिकायत के बाद डीएसपी रैंक का एक ऑफिसर तुरंत उनके घर भेज दिया गया। लेकिन इस मामले में कुछ संगीन नहीं दिख रही है। इस तरह का शोर किसान या बागबानी करने वाले अकसर रात में जंगली जानवरों को भगाने के लिए किया जाता है। उस क्षेत्र में काफी खेत और बाग हैं।

मुख्यमंत्री ले रहे हैं अपडेट

मुख्यमंत्री ले रहे हैं अपडेट

इस मामले में कंगना के घर पर तीन कॉन्सटेबल तैनात कर दिए गए हैं और पुलिस एलर्ट है। मामला की पूरी जानकारी और अद्यतन मुख्यमंत्री कार्यालय में दिए जा रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here