मानसिक रूप से बहुत बीमार थे सुशांत सिंह राजपूत – थेरपिस्ट | सुशांत सिंह राजपूत के चिकित्सक बताते हैं कि वह हाइपर व्यामोह और द्वि-ध्रुवीय विकार से पीड़ित थे

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प्रमुख के संपर्क में थे

प्रमुख के संपर्क में थे

सुशांत ने नवंबर 2019 में अपनी पार्टनर प्रधान के साथ उनके काफी सेशन के लिए थे। और इस बीच सुसान, प्रमुख से लगातार संपर्क में थे। सुसान ने बताया कि जून 2019 में सुशांत की मौत के एक हफ्ता पहले तक वे प्रमुख के संपर्क में थे।

बहुत बीमार थे सुशांत

बहुत बीमार थे सुशांत

सुशांत सिंह राजपूत को द्वि ध्रुवीय विकार था। इसके अलावा वे बड़े स्तर पर डिप्रेशन और हाइपोमेनिया का शिकार थे। सुसान चाहते हैं कि लोग मानसिक बीमारी को इतनी बड़ी बात बनाना बंद करें। ये कैंसर या डायबीटीज़ की बीमारी आम है।

मानसिक विक्षिप्त जैसा बर्ताव

मानसिक विक्षिप्त जैसा बर्ताव

सुसान ने एक AUD क्लिप में साफ कहा कि सुशांत की हालत ठीक नहीं थी। उसे जो बीमारी थी उस बीमारी में मरीज़ अकसर बेचैन हो जाते हैं, भारी डिप्रेशन में होते हैं, कभी सोचने समझने की शक्ति खो देते हैं और मानसिक रूप से विक्षिप्त जैसा बर्ताव कर सकते हैं।

केवल प्रमुख थे

केवल प्रमुख थे

हमने मानसिक स्थिति को लेकर ऐसी सोच और समाज बना रखा है कि कभी मरीज़ अपने परिवार तक को बता नहीं पाता है कि वह किस हालत से गुज़र रहा था। सुसान ने साफ किया कि प्रधान, सुशांत का सबसे बड़ा सपोर्ट था।

हिम्मत हारने वाले थे, डराने वाले सुशांत थे

हिम्मत हारने वाले थे, डराने वाले सुशांत थे

सुसान का कहना है कि जब मैं पहली बार शासक और सुशांत से एक कपल के तौर पर मिला था तो प्रधान का सुशांत के प्रति प्यार, छापन और चिंता देखकर बहुत अच्छा लगा था। साफ दिखता था कि दोनों कितने करीब थे। प्रधान सुशांत को हिम्मत देती थी क्योंकि सुशांत हमेशा डरता था कि कोई को पता चल जाएगा कि उसका ईलाज चल रहा है।

माँ जैसी थी

माँ जैसी थी

जब सुशांत बहुत ज्यादा बीमार थे तो उन शासकों पर अपनी मां के रूप में निर्भर रहने लगा था। और प्रमुख वे किरदार बखूबी प्लेती थे। ये प्रधान के लिए भी बहुत ही कठिन समय था। अपने किसी कर्बी को उस हालत से गुज़रते देखना बहुत ही मुश्किल होता है। ऊपर से इन सभी बातों को छिपाए रखने के लिए एक अलग प्रेशर होता है।

बहुत ही गलत हो रहा है

बहुत ही गलत हो रहा है

रिया पर जिस तरह से सोशल मीडिया पर गुस्सा निकाला जा रहा है वह देखने के लिए मेरे लिए चौंकाने वाला था। मैंने उसे हमेशा उस इंसान के तौर पर देखा, जिस पर सुशांत को बहुत चिंता थी और जो उसे बहुत संभाल कर रखता था। सुशांत की मौत शायद हमारे लिए एक चेतावनी है कि हमें मानसिक बीमारियों के बारे में अपनी सोच बदलनी होगी जिससे लोग इसे बस एक बीमारी समझकर अपना ईलाज ढंग से करवा सकते हैं। बिना किसी शर्म के।

प्रधान दे रहे थे ओवरडोज़

प्रधान दे रहे थे ओवरडोज़

सुशांत के पिता का कहना है कि प्रधान उनके मानसिक ईलाज के नाम पर अपने घर ले गए थे और उन्हें दवाओं का ओवरडोज़ हो रहा था।

क्यों नहीं ली विचलन

क्यों नहीं ली विचलन

सुशांत के पिता ने पूछा है कि प्रधान सुशांत का परिवार नहीं थे तो सुशांत के परिवार की इजाज़त के बिना उनका मानसिक ईलाज कैसा चल रहा था। परिवार की परमिशन के बिना ये करना गैर कानूनी है।

मांगा में ब्योरा है

मांगा में ब्योरा है

सुशांत के पिता ने अपनी एफआईआर में उन सभी दवाईयों का ब्योरा मांगा है जो इस बीच सुशांत सिंह राजपूत को मानसिक ईलाज के नाम पर दी जा रही थी।