Surrogacy meaning in Hindi जानिए सरोगेसी है क्या

द्दोस्तो आपका हिंदी गगन में स्वागत है, आज में आपको Surrogacy meaning in Hindi के साथ  सरोगेसी है क्या ? इसका खर्च कितना आता है? ये भारत में कहा करवा सकते है, आदि के बारे में पूरी जानकारी दूंगा. सरोगेसी की मदद से पिता बने करण जौहर की वजह से यह मुद्दा काफी चर्चा में आ गया है अपनी बायोग्राफी द सूटेबल ब्वॉय में करण ने पिता बनने इच्छा जाहिर की थी सरोगेसी के जरिए जुड़वा बच्चों बेटा यश और दूसरी बेटी रूही के पिता बने हैं.

आपको बता दें इससे पहले जून 2016 में तुषार कपूर ने अविवाहित होते हुए सरोगेसी से अपने बेटे लक्की होने की घोषणा की थी तो सभी हैरान रह गए शाहरुख खान का तीसरा बच्चा अबराम की पैदाइश भी इसी 2013 में हुई थी अब राम का जन्म भी सरोगेसी के जरिए हुआ था

आमिर खान और किरण राव भी सरोगेसी की मदद से ही आजाद का जन्म हुआ था. जानिए surrogacy process step by step in Hindi तथा जाने इससे जुडी कुछ रोचक बाते:-

Surrogacy meaning in Hindi

Surrogacy meaning in Hindi

दोस्तों Surrogacy का हिंदी में मतलब किराए की कोख होता है, जब कोई दम्पति माता पिता नहीं बन पाते तो वो किसी होस्प्तल में सम्पर्क करके किसी महिला की खोख को किराये पर लेते है, फिर चिकित्सको की देख रेख में उस महिला के अन्दर भ्रूण का प्रत्यारोपण करवाया जाता है, जब 9 महीने बाद उस महिला के बच्चा हो जाता है तो वो बच्चा वो दम्पति ले लेते है. 

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क्या है सरोगेसी (What is Surrogacy in Hindi)

जेसा की meanings से स्पस्ट हो गया है सरोगेसी एक अन्य महिला और एक कपल के बीच किया गया एग्रीमेंट होता है जो अपना खुद का बच्चा चाहते हैं इस प्रक्रिया के जरिए उस प्रकार के माता-पिता संतान सुख पा सकते हैं जो किसी कारणवश अपना खुद का बच्चा पैदा नहीं कर सकते हैं

इस प्रक्रिया के तहत महिला उन दम्पति के बच्चे को 9 महीने तक अपनी कोख में पालती है और उसके जन्म के बाद उन्हें सौंप देती है, ये surrogate mother कहलाती है.

सरोगेसी प्रक्रिया में विवाद (Controversy in the surrogacy process)

कई बार होता है विवाद इस प्रक्रिया में एक बार बच्चे को जन्म देने के बाद उस मां का अधिकार उस बच्चे से पूरी तरह खत्म हो जाता है

लेकिन कई बार बच्चे को जन्म देने के दौरान है सरोगेट मां उस बच्चे से इमोशनल अटैच हो जाती है और अटैचमेंट की वजह से वह बच्चे को उनके बायोलॉजिकल पैरंट को देने से इनकार कर देती है ऐसी स्थिति में मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है एडवोकेट प्रसाद के अनुसार है कुछ समय पहले हमारे पास सरोगेसी से जुड़ा किया था

जहां जापान से आए फॉरेन दंपति ने प्रीति बैंक मेहता की कोख उधार ली थी कुछ समय बाद दंपति में प्लेस होने की वजह से डिवोर्स हो गया ऐसे में जापानी पत्नी ने बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया था मामला बढ़ जाने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा स्थिति इतनी खराब हो बच्चे की मां के तीन दावेदार खड़े हुए थे

How to get Pregnant in Hindi

एक प्रीति पर दूसरी जापानी मां और तीसरी महिला जिसमें अपना भ्रूण दीया था इस मामले के बाद गारमेंट ने नियम कानून बनाने की सोची दूसरी और कई बार ऐसा भी होता है जब जन्म लेने वाली संतान विकलांग होती है या अन्य किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होती है तो एक शब्द पति उसे लेने से इनकार कर देता है इस स्थिति में भी विवाद होता है

इसके अलावा अगर कोई फॉरेन कंट्री की है दंपति यहां से लोकेशन का सोचती है तो बच्चे की नेशनलिटी पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो जाते हैं

आता है लाखों का खर्चा (The expense in Surrogacy)

मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल के डॉक्टर है इंदिरा के अनुसार यहां सरोगेसी के लिए आने वाले ज्यादातर के ऐसे होते हैं जिनका IVF फैल हो जाता है या फिर दिन महिलाओं को कंसीव करने में दिक्कत होती है मेडिकल प्रॉब्लम से ग्रसित दंपति ही सरोगेसी का प्रयास सुनता है

अब सेलिब्रिटीज के आने के बाद या ट्रेड में आ रहा है, हलाकि कुछ यूथ और महिलाएं भी इंक्वायरी के लिए आती है लेकिन हम उन्हें यही सलाह देते हैं कि अगर वह समर्थ हैं तो कंसीव करें कई बार अरे पैसे की बात सुनकर भी अपना मन बदल लेते हैं

क्योंकि इस पूरे प्रोसेस में 3 से 500000 का खर्च आता है अगर ट्विंस बच्चा है तो खर्च बढ़कर पांच से सात लाख तक पहुंच जाता है बायोलॉजिकल कपल कंसीव करने वाली महिला का स्पेशल केयर करते हैं

कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है Commercial surrogacy

अट्रैक्शन ऑफ गायनिक सोसायटी ऑफ इंडिया के सेक्रेट्री जनरल डॉक्टर ऋषिकेश के अनुसार इंडिया में सरोगेसी का ट्रेंड 2013 तक बहुत ज्यादा था इस दौरान हम सिंगल पैरंट पर आधी सब की सरोगेसी धड़ल्ले से की जाति लेकिन कुछ विवादों की वजह से मिनिस्ट्री ने इस पर कई तरह के रोग लगाए थे,

क्या से किसी फॉरेनर्स दंपति की सरोगेसी नहीं की जाएगी या फिर सिंगल पैरंट सेरोगेसी नहीं कर उस वक्त के बाद इन सब पर लगाम लगा दी गई कोई डॉक्टर किस पर रिस्क नहीं लेना चाहता है

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About the Author: Hari Kishan